Story Of Akshita Gupta Who Became Ias From Mbbs Doctor To Upsc Preparation Inspiring Journey
दिन में डॉक्टरी और रात में UPSC की तैयारी, पॉकेट नोट्स लेकर चलती थीं डॉ. अक्षिता, पहली बार में बन गईं IAS
IAS Success Story: यूपीएससी की तैयारी के लिए दिन में डाॅक्टरी करते-करते भी पढ़ाई का समय निकाला। रात में तैयारी पर पूरा फोकस करने वाली डाॅ. अक्षिता पहली बार में IAS बनी थीं। उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-69 कै साथ सिविल सेवा परीक्षा पास की थी।
पंचकूला की हैं अक्षिता, इसलिए चुनी सिविल सर्विस
डाॅ. अक्षिता गुप्ता हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली हैं। उन्होंने UPSC की तैयारी तब शुरू की थी, जब वह चंडीगढ़ मेडिकल काॅलेज और हाॅस्पिटल में MBBS कर रही थीं। इस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि वह क्लिनिकल प्रैक्टिस से हटकर मुद्दों को अलग नजरिए से देखना चाहती हैं।
दिन में डाॅक्टरी, रात में सपनों पर लक्ष्य
अपनी मुश्किल मेडिकल पढ़ाई के साथ-साथ सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू करने के लिए प्रेरित किया। मेडिकल इंटर्नशिप में अस्पताल की भागदौड़, मरीजों की जिम्मेदारी और शिफ्ट के बीच भी वह अपने लक्ष्य के प्रति डटी रहीं। दिन में वह डाॅक्टरी करती थीं और रात में यूपीएससी की तैयारी करती थीं।
अस्पताल के ब्रेक में काम आते थे पाॅकेट नोट्स
अस्पताल में छोटे-छोटे ब्रेक में भी पढ़ाई पर ही ध्यान देती थीं। वह समय बचाने के लिए जरूरी पाॅकेट नोट्स लेकर चलती थीं। किताबों के पन्ने भी अपनी जेब में रखतीं और जब भी उन्हें मौका मिलता तो तुरंत अध्ययन शुरू कर देती थीं। कई बार तो अक्षिता की शिफ्ट 12 से 14 घंटे तक की होती थी लेकिन थकान के बाद भी पढ़ाई नहीं छोड़ी।
पहले ही प्रयास में यूपीएससी में 69वीं रैंक लाकर बनी थीं अधिकारी
नौकरी छोड़े बिना, शारीरिक थकान और चुनौतियों के बीच राह कठिन जरूर थी लेकिन नामुमकिन नहीं। 2020 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक-69 हासिल करके IAS बन गई थीं। आज वे पंजाब कैडर की आईएएस अधिकारी के रूप में देश सेवा कर रही हैं।
मेडिकल बैकग्राउंड बना ताकत, ये था ऑप्शनल सब्जेक्ट
अक्षिता ने कभी अपने मेडिकल बैकग्राउंड को तैयारी में बाधा नहीं माना और उसे अपनी सबसे बड़ी ताकत समझकर आगे बढ़ीं। उन्होंने मेडिकल साइंस को ही अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना और अपने अनुभव को सही दिशा में शामिल करने के बारे में सोचा था। मरीजों की सेवा करते हुए उन्होंने समाज को करीब से समझा था। (फोटो क्रेडिट-IG/14akshita)


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