RSS की नींव का वो पत्थर जो बना विवेकानंद शिला स्मारक का ‘शिल्पी’
RSS की नींव का वो पत्थर जो बना विवेकानंद शिला स्मारक का ‘शिल्पी’ कन्याकुमारी में विवेकानंद शिला पर स्मारक बनाने का फैसला हुआ. लेकिन इसकी राजनीतिक बाधाएं थी, आर्थिक तो थी ही. इस असंभव से दिखने वाले काम को पूरा करने का जिम्मा दिया गया एकनाथ रानडे को. ध्यान रहे कि तब केंद्र और राज्य दोनों ही जगह संघ विरोधी सरकार थी. ऐसे में एकनाथ रानडे ने अपना कौशल दिखाया. के आर मलकानी अपनी किताब ‘The RSS Story’ में लिखते हैं कि उन दिनों मजाक में एक कहावत चल पड़ी थी कि अगर कभी भी कुतुबमीनार को हटाकर कहीं और लगाने का फैसला किया तो इस भागीरथ काम को बस एक ही आदमी सफलतापूर्वक आसानी से कर सकता है और वो हैं एकनाथ रानडे. संघ के सरकार्यवाह जैसे पद पर रह चुके एकनाथ रानडे को लेकर ये कहावत ऐसे ही नहीं चल पड़ी थी, संघ स्वयंसेवक होते हुए भी संसद में सभी पार्टियों, सभी धर्मों के 323 सांसदों का हस्ताक्षर लाकर केन्द्र और राज्य में संघ विरोधी सरकारों से ईसाई पादरियों के विरोध के बावजूद स्वामी विवेकानंद शिला स्मारक की अनुमति लेना आसान काम नहीं था. फिर उसके लिए उतना धन जुटाना, जो 8 साल पहले गुरु गोलवलकर के 51वें जन्मदिन पर ...