हेडगेवार-गोलवलकर से भागवत तक... 100 साल में 6 सरसंघचालकों की पूरी कहानी
हेडगेवार-गोलवलकर से भागवत तक... 100 साल में 6 सरसंघचालकों की पूरी कहानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना 1925 को दशहरा के दिन नागपुर में की गई. आरएसएस के 100 साल के सफर में छह सरसंघचालक या प्रमुख बने. डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, गोलवलकर, रज्जू भैया और मोहन भागवत तक आरएसएस के प्रमुख रहे, जिन्होंने अनेक मुद्दों से निपटने में संगठन के दृष्टिकोण में परिवर्तन किए और बदलते समय के साथ तालमेल बनाए रखने का प्रयास किया. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए हैं. संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शाताब्दी वर्ष पर मुंबई में आयोजित व्याख्यानमाला में बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि संघ में किसी भी जाति का व्यक्ति सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख बनने के लिए अनुसूचित जाति या जनजाति होना कोई बाधा नहीं है और ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है. मोहन भागवत ने कहा कि जब संघ की शुरुआत हुई थी तो उस वक्त संघ में ब्राह्मणों की संख्या ज्यादा थी, लेकिन संगठन सभी जातियों के लिए काम करता है. संघ प्रमुख ने जोर देकर कहा कि संघ का सरसंघचालक कोई ब्राह्मण...