दुनिया भर की गुप्तचर एजेंसियों के लिए किसी चर्चित या वांछित व्यक्ति को फंसाने के लिए हनी ट्रैप एक कारगर हथियार रहा है।
दुनिया भर की गुप्तचर एजेंसियों के लिए किसी चर्चित या वांछित व्यक्ति को फंसाने के लिए हनी ट्रैप एक कारगर हथियार रहा है।
1️⃣➡️ बात 1959 की है
19 साल की अमेरिकन लड़की होप कुक भारत आई, दार्जिलिंग के जिस होटल में वो ठहरी थी, उसी होटल में सिक्किम के युवराज पाल्देन थोंडुप नामग्याल ठहरे हुए थे, दोनों की मुलाकात हुई, प्यार हुआ और फिर मात्र 4 वर्ष दोनों ने एक बुद्ध मठ में शादि कर ली।
उस समय के भारत में अमेरिकी राजदूत का इस शादी में शामिल होना काफी चर्चित रहा।
इस तरह से एक सामान्य लड़की सिक्किम की महारानी बन गई।
सिक्किम की महारानी बनते ही इसने भारत के विरुद्ध जहर उगलना शुरू कर दिया।
सिक्किम एक स्वतंत्र देश है, भारत हमारे आंतरिक मामलों में दखल ना दे।
इसके बयानों को देशी और विदेशी मीडिया भी खूब कवरेज देते थे।
तब तक सिक्किम का भारत में पूर्ण रूप से विलय नहीं हुआ था।
अमेरिका सिक्किम में अपना सैन्य बेस स्थापित करना चाहता था ताकि चीन और भारत दोनों पर आसानी से नजर रख सके।
सिक्किम CIA के एजेंटों अड्डा बन चुका था।
यहीं से बाजी पलटी:- सिक्किम की 70% से ज्यादा आबादी नेपाली मूल की थी, वो भी सिक्किम का भारत में विलय चाहते थे।
अब यहां पर भारतीय जेम्स बॉन्ड कहे जाने वाले खुफिया अधिकारी अजीत डोभाल की एंट्री हुई।🤠
इन्होंने सिक्किम के नेताओं के साथ मिलकर जनता को राजा और उनकी अमेरिकन रानी के विरुद्ध भड़काया और एक बड़ा जन आन्दोलन खड़ा कर दिया।
होप कुक घबरा गई और अपने पति और 2 बच्चों को छोड़कर कर अमेरिका भाग गई।
इस तरह से सिक्किम से राजशाही का अंत और भारत में विलय का मार्ग प्रशस्त हुआ था।
2️⃣➡️ लगभग इसी समय कैम्ब्रिज में राजीव गांधी एक इटालियन महिला एंटोनियो माईनो से मिलजुल रहे थे।
हमें सिर्फ ये कहना है कि सिक्किम के लोग समझदार थे, जिन्होंने समय रहते रानी के रूप में प्लांट की गई विदेशी महिला को पहचान लिया।
सोनिया गांधी जब भारत आई तो उनकी सबसे करीबी दोस्त थी स्टेरा, जो उनके पति के खास दोस्त सतीश शर्मा की पत्नी थी।
स्टेरा भी एक डच मूल की नागरिक थी।
राजीव गांधी जब प्रधानमंत्री बने थे, तब सतीश शर्मा सबसे ताकतवर व्यक्ति हुआ करते थे।
सत्ता की आड़ में क्या क्या खेल हुए होंगे ?
इसकी सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है।
हम किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन ऐसी कहानियां बार बार हमारे सामने आती रही हैं।
3️⃣➡️ लद्दाख में असंतोष भड़का रहे सोनम वांगचुक की कहानी में भी रेबेका नॉर्मन नाम की एक अमेरिकी महिला का नाम आता है, कहा जाता है कि 1992 में उसी अमेरिकी महिला के साथ मिलकर वांगचुक ने लद्दाख में शिक्षा क्रांति की।
जबकि पूरे लद्दाख में 2018 तक एक भी विश्वविद्यालय नहीं था।
सोनम वांगचुक ने उस नरेंद्र मोदी सरकार के विरुद्ध जनता को भड़काया जिसने दशकों से उपेक्षित पड़े लद्दाख में पहला विश्वविद्यालय खुलवाया, ढेरों विकास परियोजनाएं शुरू कराई और लद्दाख को भारत की मुख्यधारा से जोड़ा।
4️⃣➡️ असम में कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहे तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई की कहानी भी उसी इंटरनेशनल पैटर्न पर दिखाई देती है।
भारत में उत्तर पूर्व के एक राजनीतिक परिवार का लड़का 2010 में यूएन हेड क्वार्टर जाता है जहां पर वो एक ब्रिटिश इंटर्न एलिजाबेथ कोलबर्न से मिलता है।
दोनों को प्यार होता है और 3 साल के अंदर शादी हो जाती है।
फिर पता चलता है कि वह महिला जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन से जुड़ी है, भारत के एक मुख्यमंत्री की बहू पाकिस्तान के एक एनजीओ में नौकरी करती है, जिसके बारे में हर कोई जानता है कि उसे पीछे से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई चलाती है।
वर्ष 2013 में असम के मुख्यमंत्री का बेटा और उसकी बहू जब चाहे अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान आते जाते रहे, मानो वो उनका ससुराल या माईका हो।
गौरव गोगोई पहली बार 2014 में सांसद बने और लोकसभा पहुंचते ही प्रश्न पूछना शुरू किया:-
भारत के परमाणु रिएक्टरों को यूरेनियम की सप्लाई कहां से हो रही है ?
मेक इन इंडिया के अंतर्गत कौन से हथियार और विस्फोटक बनाए जा रहे हैं ?
भारतीय वायुसेना को कितने एयर स्क्वाडन की आवश्यकता है ?
2018 में धारा 370 हटाने से ठीक पहले गौरव गोगोई ने पूछा कि कश्मीर के बारे में केंद्र सरकार की क्या नीति है ?
इसके अतिरिक्त भारत के जल संसाधन और नदियों के जल के रणनीतिक प्रयोग से संबंधित प्रश्न भी पूछे।
गौरव गोगोई यह सब क्यों जानना चाहते थे ? 🤔
सिक्किम का युवराज हो, गांधी परिवार का कोई शहजादा हो या असम के मुख्यमंत्री का बेटा या कोई अन्य व्यक्ति।
देश में क्या होता समझना बहुत कठिन नहीं।
यह वो ट्रोजन हॉर्स हैं जिनका मुकाबला कोई सेना, कोई सुरक्षा एजेंसी या कोई सरकार कभी नहीं कर सकती।


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