IAS सूर्य पाल गंगवार — संक्षिप्त परिचय

 🚨🚨आज बात करते हैं वर्तमान में #उत्तर_प्रदेश_मुख्यमंत्री कार्यालय में #सचिव के पद पर तैनात सरकार के सबसे विश्वसनीय अधिकारियों में से एक, सामाजिक चिंतक एवं तेजतर्रार #IAS_अधिकारी #श्री_सूर्यपाल_गंगवार जी के बारे में।🚨🚨 



✍️ IAS सूर्य पाल गंगवार — संक्षिप्त परिचय



सूर्य पाल गंगवार एक वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। वे 2009 बैच, उत्तर प्रदेश कैडर से हैं और उत्तर प्रदेश के प्रमुख प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं, जिनमें लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) और बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव का पद शामिल है। 


✍️🧑‍🎓 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा


👉सूर्य पाल गंगवार का जन्म 5 अगस्त 1977 को भारत के उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिथरी गाँव में हुआ था। 

👉उनके पिता शिक्षक थे, जिससे उन्हें बचपन से अनुशासन और शिक्षा का महत्व समझ में आया। 

👉उन्होंने प्राथमिक शिक्षा नवाबगंज के एक प्राइवेट स्कूल में पूरी की और बाद में नवोदय विद्यालय, बरेली से 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई की। 

👉12वीं के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग में अध्ययन का निर्णय लिया और IIT रुड़की से B.E. (ऑनर्स) इन इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में स्नातक किया। 


✍️💼 प्रारंभिक पेशेवर करियर


इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने कोर्पोरेट क्षेत्र में काम किया और कई कंपनियों जैसे Electrical Manufacturing Company Ltd., Philips India Limited, Century Laminating Company आदि में काम किया, जहां उन्होंने व्यावसायिक अनुभव और कौशल विकसित किया। 

बाद में वे Air India Limited में इंजीनियर (Industrial Engineering) के रूप में नियुक्त हुए। 


✍️🧠 UPSC की कठिन यात्रा


👉सूर्य पाल गंगवार ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा कई बार दी। शुरुआत में उन्होंने 2004 और 2005 में परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 

👉उन्होंने 2007 में UPSC पास कर भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में चयन पाया (AIR 476) और असिस्टेंट कमिश्नर के रूप में सेवा की। 

👉इसके बाद उन्होंने फिर UPSC में बैठकर उच्च प्रदर्शन किया और 2009 में ALL India Rank 8 हासिल कर आईएएस में चयन प्राप्त किया। 


✍️🧑‍💼 प्रशासनिक सेवा (IAS) में कार्य


📌 पोस्टिंग और ज़िम्मेदारियाँ

सूर्य पाल गंगवार ने यूपी के कई ज़िलों और विभागों में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर काम किया: 

👉SDM और CDO के रूप में कार्य प्रारंभ।

जिला मजिस्ट्रेट (District Magistrate) के रूप में तैनात ——

हापुड़

हाथरस

सीतापुर

रायबरेली

सिद्धार्थ नगर

फिरोजाबाद

👉लखनऊ (जून 2022 से जनवरी 2025 तक) 

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (MD) के रूप में कार्य। 

👉उत्तर प्रदेश सरकार के सिविल एविएशन विभाग में निदेशक के तौर पर भी सेवा की।

👉 मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव

जनवरी 2025 में उन्हें मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया — जो प्रशासन में उनकी उच्च योग्यता और भरोसे का प्रतीक है। �


✍️ प्रशासनिक शैली और योगदान


एक लोकप्रिय IAS अधिकारी के रूप में गंगवार ने लखनऊ और अन्य जिलों में प्रशासनिक सुधार, योजनाओं का क्रियान्वयन & जन समस्याओं का समाधान जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। 

उनका व्यवहार कुछ मौकों पर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी देखा गया, जैसे उन्होंने शायरी के माध्यम से भी प्रेरणा व्यक्त की थी—जो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। 


✍️👨‍👩‍👦‍👦 व्यक्तिगत जीवन


सूर्य पाल गंगवार का पारिवारिक जीवन सफल रहा है, लेकिन उनके व्यक्तिगत जीवन में भी चुनौतियाँ आईं — जैसा कि उनके परिवार के कुछ समाचार रहे हैं। (उदा. पत्नी का निधन — जैसा एक स्रोत में उल्लेख है।) 


✍️🏆 प्रेरणादायक उपलब्धियाँ


✅ IIT से इंजीनियरिंग की डिग्री के बावजूद सार्वजनिक सेवा की ओर रुझान 📘

✅ कई बार असफल प्रयासों के पश्चात IAS सफलतम चयन 🎯 

✅ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अहम प्रशासनिक भूमिका निभाई 📍 

✅ मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव के रूप में नियुक्ति 


✍️📌 संक्षेप में


सूर्य पाल गंगवार की कहानी संघर्ष, धैर्य और समर्पण की मिसाल है। IIT जैसी प्रतिष्ठित शिक्षा, कोर्पोरेट करियर और कई बार UPSC में असफल प्रयासों के बावजूद उन्होंने UPSC में बड़ी सफलता पाई और प्रशासनिक सेवा में उच्च-स्तर पर योगदान दिया — खासकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े सूबे में। 

✍️प्रमुख सामाजिक पहलें (Social Initiatives)


👉 जन-सुनवाई और त्वरित समाधान प्रणाली

जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने “सम्पूर्ण समाधान दिवस”, तहसील दिवस और जन-शिकायत निस्तारण को गंभीरता से लागू किया।

शिकायतों की टाइम-बाउंड मॉनिटरिंग, लंबित मामलों की समीक्षा और अधिकारियों की जवाबदेही तय की।

👉 इसका सीधा असर आम जनता को समय पर राहत मिलने के रूप में दिखा।

👉शिक्षा से जुड़ी पहल

सरकारी स्कूलों की नियमित समीक्षा, शिक्षक उपस्थिति, आधारभूत सुविधाएँ (पेयजल, शौचालय, फर्नीचर) पर ज़ोर।

👉कमजोर वर्ग के बच्चों को स्कूल ड्रॉप-आउट रोकने, छात्रवृत्ति और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान।

👉बोर्ड परीक्षाओं के समय नकल-विहीन परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के लिए सकारात्मक वातावरण।


✍️ स्वच्छता और स्वास्थ्य अभियान


स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई अभियान को सख्ती से लागू किया।

खुले में शौच मुक्त (ODF) स्थिति बनाए रखने के लिए फील्ड विज़िट और जागरूकता कार्यक्रम।

कोविड-19 काल में (जहाँ तैनाती रही)

👉स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय

टीकाकरण, ऑक्सीजन और अस्पताल प्रबंधन पर प्रशासनिक फोकस

👉महिला एवं बाल कल्याण

आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा, पोषण कार्यक्रमों की निगरानी।

महिलाओं से जुड़ी शिकायतों पर संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई।

👉बाल संरक्षण मामलों में जिला प्रशासन, पुलिस और समाज कल्याण विभाग के बीच समन्वय।

👉गरीब, मजदूर और कमजोर वर्ग के लिए कार्य

राशन वितरण, पेंशन, आवास योजनाओं (PMAY/राज्य योजनाएँ) में पात्रता के अनुसार लाभ दिलाने पर ज़ोर।

श्रमिकों, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों की समस्याओं के समाधान हेतु विशेष शिविर।


✍️शहरी प्रशासन और नागरिक सुविधाएँ


(विशेषकर लखनऊ जैसे बड़े जिले में DM रहते हुए)

ट्रैफिक, अतिक्रमण, साफ-सफाई, पेयजल और बिजली जैसी नागरिक सुविधाओं की निगरानी।

त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान शांति-व्यवस्था और जन-सुविधा संतुलन।


✍️🧭 प्रशासनिक शैली (Working Style)


फील्ड-ओरिएंटेड अधिकारी: कार्यालय तक सीमित न रहकर सीधे ज़मीन पर जाकर निरीक्षण।

मानवीय दृष्टिकोण: जन-सुनवाई में व्यवहारिक और संवेदनशील रवैया।

डाटा + अनुशासन: योजनाओं की समीक्षा आँकड़ों के आधार पर, लेकिन सख्त प्रशासनिक अनुशासन के साथ।


✍️🏛️ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी


IIT से इंजीनियरिंग करने के बाद भी सार्वजनिक सेवा को जीवन का लक्ष्य बनाया।

UPSC में असफलताओं के बावजूद निरंतर प्रयास कर AIR-8 (2009) के साथ IAS बने।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में DM रहने का अनुभव, जिससे ग्रास-रूट प्रशासन की गहरी समझ।

वर्तमान में मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश में सचिव के रूप में नीति-निर्धारण और समन्वय की भूमिका।


नोट - उपरोक्त में दी गई किसी भी जानकारी में कोई त्रुटि होने पर सप्रेम क्षमा प्रार्थी हूं। 🙏🙏 


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