नशे में धुत, खून के प्यासे, AK-47 और RPG से लैस दो हज़ार से अधिक लड़ाके.....गांव के भीतर 30,000 निर्दोष नागरिक औरतें, बच्चे, बूढ़े जिन्हें काट डालने की तैयारी थी.....
नशे में धुत, खून के प्यासे, AK-47 और RPG से लैस दो हज़ार से अधिक लड़ाके.....गांव के भीतर 30,000 निर्दोष नागरिक औरतें, बच्चे, बूढ़े जिन्हें काट डालने की तैयारी थी..... उनके और मौत के बीच खड़ी था भारतीय सेना का एक छोटा-सा दस्ता। क्यूंकि बाकी लोगों को आने का रास्ता उग्रवादियों ने बंद कर रखा था।..... एक कहानी भारतीय सेना की किसी शोर में नहीं, शौर्य में लिखी गई थी। आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे मलाकाल बैटल, दक्षिण सूडान की कहानी जानकर,जहाँ 40 भारतीय सैनिक 2,000 हत्यारों के सामने खड़े थे। जहाँ दुश्मन नरसंहार के इरादे से आया था, और भारतीय सेना ने उसे घुटनों पर ला दिया। दक्षिण सूडान का मलाकाल गांव जहां पर संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना ने चारों ओर घेरा डाल रखा था,पर अचानक से उनके सामने आतंकी “व्हाइट आर्मी” खड़ी थी। मलाकाल वालों को लगा कि अब सब खत्म हैं।लेकिन वे भूल गए थे कि उनको बचाने उनके गांव के दरवाज़े पर कौन खड़ा है। वो भारतीय सेना की टुकड़ी थी। इस युद्ध को तब लीड कर रहे थे मेजर समर तूर (8 राजपूताना राइफल्स) जब इतने आक्रामक लडा़को को ...